1. जैक थे बबून [ JACK THE BABOON ]
राइजिंग ऑफ शिकागो लेक मिशीगन के तट पर बसा शिकागो 19वीं सदी के मध्य में लेक मिशीगन से बस कुछ ही पीड़ित की ऊंचाई पर बसा हुआ था इसी कारण यहां ड्रेनेज सिस्टम की कोई सुविधा नहीं थी कारणवश इस शहर के अधिकतर भागों में हमेशा ही कीचड़ गंदगी और गंदे पानी से भरा रहता था जिसके कारण यहां के लोगों को लगातार छह माह मारियो का सामना करना पड़ा जिसमें टाइफाइड और कॉलेज ऐसी बीमारियों के कारण यहां की कुल आबादी के 6% लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा यहां की सरकार को इस समस्या का समाधान खोजने के लिए यह बातें किया शिकागो के इंजीनियर इस डेनिश की समस्या का स्थाई रूप से निजात ढूंढने में लग गए सन 1856 में एक इंजीनियर एलिस शर्मा ने एक ऐसा तरीका सुझाया जो की शुरुआत में सभी को बेहद पागलपन से भरा और अव्यावहारिक लगा लेकिन एलिस के लिए यह एक सामाजिक समाधान था समाधान की पूरी की पूरी शिकागो सिटी को लगभग 12 फीट ऊपर उठा दिया जाए शुरुआत में यह काम सभी को इंपॉसिबल लग रहा था लेकिन शिकागो गवर्नमेंट और इंजीनियर अपने इस गोल्ड प्लान पर डटे रहे और धीरे-धीरे एक-एक बिल्डिंग को टैक्स की सहायता से 10 फीट ऊपर उठाया गया और फिर हर एक बिल्डिंग के नीचे फिर से एक नई नी डाली गई इस पूरी परियोजना को पूरा करने में लगभग 20 साल का वक्त लगा लेकिन कमाल की बात यह थी इस पूरी अवधि के दौरान यहां के लोगों का जनजीवन जरा सा भी प्रभावित नहीं हुआ शिकागो की बिजी लाइफ इस बीच कभी भी नहीं होगी यहां के लोग सामान्य रूप से अपना जीवन जीते रहे और दूसरी तरफ इस सिटी को इंच धार इंच ऊपर उठाने का काम चलता रहा
3. एलियन डिसअप्पेअरन्स [ ALIEN DISAPPEARANCE ]
एलियन डिसअप्पेअरन्स ऑस्ट्रेलिया में सन 1957 में एक रोज वहां के लोकल पुलिस स्टेशन को एक कपल का फोन आया उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें अपने घर से कुछ ही दूर के एक जंगल में एक डेड बॉडी मिली है लेकिन यह लास्ट दिखने में इंसानों से थोड़ी सी अलग है पुलिस तुरंत वहां पहुंची और डेड बॉडी को इन्वेस्टिगेशन के लिए हॉस्पिटल ले जाएगा जहां डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि वह कि वो व्यक्ति अभी भी जिंदा है लेकिन उसके शरीर के अंदरूनी बनावट बिल्कुल अलग है ऐसा कुछ भी उन्होंने इससे पहले नहीं देखा था हॉस्पिटल के डॉक्टर्स के लिए यह एक पहेली थी क्योंकि इस तरह की अंदरूनी बनावट वाला शरीर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था उस व्यक्ति का डीलर और भारी बनावट इंसानों जैसे ही थी लेकिन उसके स्किन का कलर ग्रे था उसके पैरों के असाधारण ढंग से 180 डिग्री तक बढ़ सकते थे उसका इलाज करने में खासी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा था लेकिन जब तक एक डॉक्टर वापस उस रूम में गया जहां उस बॉडी को रखा गया था तो उसने पाया कि उस कमरे में अब कोई नहीं था वह व्यक्ति वहां से गायब हो चुका था लेकिन वह कौन था कहां से आया था और कहां चला गया यह आज तक कोई नहीं जान पाया है अन्यथा डॉक्टर सुपर एक्सप्रेस केवल एक निष्कर्ष पर पहुंचे कि शायद वह किसी दूसरी दुनिया का जीव था और दिखने में 80% इंसानों जैसा था और अंदरूनी रूप से 80% इंसानों से अलग था
4. थे सर्वाइवर [ THE SURVIVOR ]
डा सर्वाइवल दुनिया की एक जवान जर्मन महिला थी जो कि पैरों में अपने माता पिता के साथ रहा करती थी एक बार अपनी मां के साथ प्लेन में सफर करते वक्त उनके प्लेन से इंग्लिश रीडर क्लास ऑफ प्लेन पूरी तरह से जहाज के परखच्चे उड़ जाने के बाद प्लेन तेजी से नीचे गिरने लगी और वह अभी भी अपनी सीट पर कुर्सी की बेटी से बंधी हुई थी अमेजॉन रेनफॉरेस्ट में गिरी लेकिन इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद वह जिंदा बच गई हालांकि उनकी कॉल रिकॉर्ड टूट गई और उनकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे जा रही थी लेकिन वह अभी भी चलने फिरने के लायक इस एक्सीडेंट में दुल्हन इकलौती सर्वाइवर कि वह अगले 9 दिनों तक ऐमेज़ॉन के जंगलों में जख्मी हालत में भटकती रही जंगल की नमी युक्त हवा और गंदगी के कारण जूलियन की जगहों में कीड़े पड़ने शुरू हो गए लेकिन जूलियन ने फिर भी हार नहीं मानी और जीवित रहने के लिए लगातार संघर्ष कर रही थी आखिरकार 9 दिनों तक जंगल में भटकने के बाद उन्हें एक छोटी वोट मिली जिसमें अभी भी थोड़ा सा केरोसीन मौजूद था उन्होंने केरोसिन से अपने चरणों को धोया ताकि चरणों में लगे कीड़ों से छुटकारा पाया जा सके कुछ ही देर बाद कोर्ट का ऑर्डर वहां पहुंचा और जुलियान को 7 घंटे की यात्रा करके हॉस्पिटल पहुंचाया गया लेकिन किसी जहाज पर बिजली गिरने पर जहां से क्रश हो जाने पर इस प्रेस में बुरी तरह से घायल हो जाने के बावजूद 9 दिनों तक बिना कुछ खाए बिना किसी प्राथमिक चिकित्सा के जूनियर का सर्वाइकल जाना वाक्य नियति का लिखा एक अकल्पनीय सच भी है जूलिया ने अपने साथ घटित हुई इस घटना को अपनी एक किताब में नाइट फेल फ्रॉम द स्काई में बताया है और इस अविश्वसनीय घटना पर एक मूवी भी बन चुकी है
5. रिचर्ड पार्कर [ RICHARD PARKER ]
रिचर्ड पार्कर अट्ठारह सौ चौरासी में इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया जा रही एक से निकलो ने दुर्घटनाग्रस्त हो गई और इस छोटी सी शिप पर मौजूद चार लोगों का ग्रुप लाइव बोर्ड पर किनारे की तलाश में निकल पड़े इनमें से एक था इंग्लैंड के साउथहैंपटन में रहने वाला 17 वर्षीय निष्पादन उन लोगों के पास खाने और पीने का बहुत कम समान ही मौजूद था जो छोटी सी नाव में खाना खत्म होने के बाद बिना खाए 19 दिन बीत गए तो वोट पर मौजूद सभी लोगों की हालत खराब होने लगी शिव के कैप्टन थॉमस डेडली और उसके साथी एडवांस दीपक नहीं है फैसला किया कि रिचर्ड पार्कर को मार दिया जाए क्योंकि उसकी तबीयत बहुत खराब हो चुकी थी और उसके कोई बीवी बच्चे भी नहीं थी उन लोगों ने रिचर्ड पाकर की गर्दन को काट डाला और उसको खा गए और उसके खून को पीकर अपनी प्यास बुझाई कुछ दिनों बाद उन्हें एक दूसरी शिप में खोज निकाला और सारी बात पता चलने के बाद उन तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया जहां बाकी 2 लोगों को कुछ दिन की सजा के बाद छोड़ दिया गया वहीं शिफ्ट कैप्टन थॉमस तितली को सिक्स मंथ की सजा का फैसला सुनाया गया कुछ ही साल पहले आई ऑस्कर विनिंग फिल्म लाइफ ऑफ पाई में भी रिचर्ड पार्कर के नाम का प्रयोग उस शेर के लिए किया गया था जो पाए के साथ वोट पर बस जाता है हालांकि असली भी छात्र की असली कवर इंग्लैंड के सावधान में आज भी मौजूद है





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